दुनिया के ऐसे ठग, जिन्हों ने स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से लेकर ताजमहल तक बेच दिया

फिल्म ‘ठग्स ऑफ हिंदुस्तान’ में आमिर खान ने फिरंगी नाम के एक छोटे-मोटे ठग की भूमिका निभाई है, जो किसी भी तरह पैसा कमाने की जुगत में रहता है वह अंग्रेजों के लिये ठगों को पकड़वाने का काम करता है. लेकिन अंत में वह अंग्रेजों को ठगकर हिंदुस्तान को आजाद करवा लेता है. ये तो रही रील लाइफ की बात लेकिन दुनिया में ठगों की कोई कमी नहीं है. दुनिया में एक से एक बड़े ठग हुए जिन्होने दुनिया को चूना लगाया और उन्हें कोई नहीं पकड़ पाया. ये दुनिया के ठग जिन्हों ने स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से लेकर ताजमहल तक बेच दिया. ऐसे थे ये दुनिया के ठग !

आज हम आपको कुछ ऐसे ही दुनिया के ठग के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने अपनी चालाकी से लोगों को बेवकूफ बनाया और करोड़ों कमाए.

दुनिया के ठग

१ – चार्ल्स पोंजी

ठगों की लिस्ट में पहला नाम आता है चार्ल्स पोंजी का, जिनके नाम पर ठगी करने वाली इनवेस्टमेंट स्कीम का नाम पड़ा. पोंजी मूलरूप से इटली का रहने वाला था, लेकिन उसने अपना पूरा जीवन अमेरिका और कनाडा में बिताया. वह यहां के लोगों को ठगा करता था. पोंजी का टारगेट इन्वेस्टर्स हुआ करते थे, वह उनको 45 दिन में रकम डेढ़ गुनी और 90 दिन में रकम दोगुनी का पाठ पढ़ाता था. कहा जाता है कि चार्ल्स ने एक दिन में 20 लाख डॉलर तक की ठगी की थी. कई बार पुलिस ने पोंजी को गिरफ्तार किया लेकिन वह चकमा देकर भाग जाता था.

२ – जॉर्ज पार्कर

जॉर्ज सी पार्कर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा ठग था. यह दुनिया की ऐतिहासिक इमारतों को अपनी धूर्ता के बल पर बेचता था. उसने न्यूयॉर्क के मशहूर मेडिसन स्क्वॉयर गार्डन, मेट्रोपॉलिटन ऑर्ट म्यूजियम, ग्रांट का मकबरा और स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी तक का सौदा कर लिया था और पैसे लेकर फरार हो गया. पार्कर ने सबसे ज्यादा बार मशहूर ब्रूकलिन ब्रिज को बेचा. पार्कर को पुलिस ने 2 बार पकड़ा लेकिन वह फरार हो गया, मगर तीसरी बार पुलिस ने उसे पकड़ लिया और उसे उम्रकैद हो गई.

३ – चार्ल्स शोभराज

दुनिया के सबसे खतरनाक ठगों में से एक ठग था चार्ल्स शोभराज. उसे लोग बिकनी किलर भी कहतेहैं. शोभराज ने 1970 के दशक में दक्षिणपूर्वी एशिया के कई देशों में विदेशी महिला पर्यटकों को अपना शिकार बनाया. वह अपने जीवन में किक पाने के लिये लोगों की हत्याएं करता था और चोरी-धोखाधड़ी करता था. 12 अगस्त 2004 को शोभराज को उम्रकैद की सजा सुनाई गई. उसने जेल में ही महिला पत्रकार निहिता बिस्वास से शादी कर ली. 72 साल का शोभराज इस वक्त नेपाल की जेल में बंद है.

४ – नटवरलाल

भारत का सबसे पॉपुलर ठग है नटवरलाल. उसके अंदर वो चालाकी थी जिसके दम पर वह लोगों को अपने जाल में फंसा लेता था. उसने अपनी चालाकी से ही 3 बार ताजमहल, 2 बार लालकिला और 1 बार राष्ट्रपति भवन तक को बेच दिया था. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उसने 1 बार भारत के संसद भवन तक को बेच दिया था. नटवरलाल का असली नाम था मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव, जो बिहार के सीवान का रहने वाला था. कहा जाता है कि नटवरलाल इतना शातिर ठग था कि वह भारत के राष्ट्रपति तक के हस्ताक्षर कर लेता था. पुलिस ने नटवरलाल को 8 बार पकड़ा लेकिन वह हर बार फरार हो गया. आखिरी बार मिथिलेश कुमार को 1996 में दिल्ली के एम्स में पुलिस ने पकड़ा था लेकिन वहां से भी वह चकमा देकर भाग गया और उसके बाद से उसका कोई अता-पता नहीं है.

दुनिया के ठग

५ – कॉजी चैड्विक

दुनिया की पहली शातिर महिला ठग थी कॉजी चैड्विक, जो अपने को एलिजाबेथ बिग्ले यानि कि अरबपति एंड्रयू कॉरनेगी की इकलौती बेटी बताकर बैंकों से लोन लेकर उन्हें ठगती थी.चैड्वकि ने अमेरिका के क्वीसलैंड इलाके के लगभग सभी बैंकों से लोन लेकर ठगा था. चैड्विक ने 8 साल तक कॉरनेगी के फर्जी हस्ताक्षर करके कई बैंकों से लोन लिया. बाद में एंड्रयू कॉरनेगी को जब यह बात पता चला तो उन्होंने बताया कि उनके कोई बेटी नहीं है तब जाकर कहीं कॉजी को पकड़ा गया. उसकी मृत्यु जेल में ही हो गई.

दुनिया के ठग

६ – क्रिस्टोफर रॉकनकोर्ट

क्रिस्टोफर ने अपनी ठगी का शिकार बड़ी-बड़ी हस्तियों को बनाया. उसने खुदको फ्रांस के सबसे प्रतिष्ठित परिवार रॉकफेलर का हिस्सा बातकर बड़ी-बड़ी ठगी की. उसने पेरिस में एक ऐसी प्रॉपर्टी को बेच दिया, जो उसकी थी ही नहीं. उसने खुद को फिल्म प्रोड्यूसर, पूर्व बॉक्सिंग चैंपियन और बिजनेसमैन बताया. उसने हॉलीवुड के बड़े-बड़े कलाकरों से दोस्ती करके उन्हें ठगा. उसने झूठ बोलकर प्लेबॉय मॉडल पिया रेयेस से शादी भी की. साल 2002 में न्यूयॉर्क पुलिस ने उसे पकड़ लिया. उसे 5 साल की कैद हो गई.

दुनिया के ठग

७ – विक्टर लस्टिग

1890 में चेकोस्लोवाकिया में पैदा हुआ विक्टर बेहद चालाक और शातिर किस्म का ठग था. उसने अपनी चालाकी से साल 1925 को फ्रांस के मशहूर एफिल टॉवर तक को बेच दिया था. कहा जाता है कि उसने एक बार किसी को नोट छापने वाली मशीन बेची थी. लस्टिग कहा था कि यह मशीन 100 डॉलर के नोट छापती है. उस व्यक्ति ने 30 हजार डॉलर में मशीन खरीद ली उस मशीन से केवल 3 नोट 100 डॉलर के निकले उसके बाद सादे कागज निकलने लगे.अपने जीवन के आखिरी समय में विक्टर अमेरिका में पकड़ा गया और जेल में ही उसकी मौत हो गई.

दुनिया के ठग

८ – फ्रेंक एबग्नेल

फ्रेंक एबग्नेल अमेरिका का रहने वाला ठग था. फ्रेंक ने बैंक चेकों में हेराफेरी करके बैंको को करोड़ों का चूना लगाया. उसने बैंक अधिकारी के हुबहू हस्ताक्षर करके बैंक से खूब पैसा ऐंठा. उसने अपने इसी काबिलियत का फायदा उठाते हुए दुनिया के कुल 26 देशों में लोगों को ठगा और बैंकों को भी अपना शिकार बनाया. उसकी पंचलाइन थी कि पकड़ सको तो पकड़ लो, लेकिन उसे फ्रांस जाने वाली फ्लाइट में एक एयरहोस्टेस ने पक़ड़ लिया जिसके बाद उसे जेल में बंद कर दिया गया.

दुनिया के ठग

ये है दुनिया के ठग –  आपको बता दें कि यह ठगी का संसार आज भी दुनियाभर में फैला हुआ है. पहले जमाने में ठग लोगों को किस्से सुनाकर प्रभावित करके ठगते थे. वहीं विदेशों में इन ठगों को मास्टरमाइंड के रूप में जाना जाता था. ठग खुद पुलिस को चैलेंज करते थे कि उन्हें पकड़कर दिखाने का.

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