हवलदार का बेटा है साउथ का ये सुपरस्टार, कभी एक फिल्म के लेता था अमिताभ से भी ज्यादा पैसे

साउथ के सुपरस्टार चिरंजीवी 64 साल के हो चुके हैं। 22 अगस्त, 1955 को आंध्र प्रदेश के मोगलथुर में जन्मे चिरंजीवी का असली नाम कोन्निडेला शिवशंकर वर प्रसाद है। चिरंजीवी के पिता पुलिस हवलदार थे, इस वजह से उनका ट्रांसफर होता रहता था। यही कारण है कि चिरंजीवी का बचपन गांव में दादा-दादी के पास बीता। बचपन से ही उन्हें एक्टिंग का शौक था। कॉमर्स में ग्रैजुएशन करने के बाद वे (1976) में चेन्नई आ गए और यहां मद्रास फिल्म इंस्टीट्यूट से एक्टिंग का कोर्स किया।

चिरंजीवी ने 1979 में आई फिल्म 'पुनाधिरल्लु' से करियर शुरू किया लेकिन उनकी पहली रिलीज फिल्म 'प्रणाम खरीदु' (1978) है। बतौर लीड एक्टर वो पहली बार 1982 में आई फिल्म 'इंटलो रामय्या वीडिलो कृष्णय्या' में नजर आए। ये फिल्म सुपरहिट रही। इसके बाद उन्होंने 'पसिवादी प्रणाम' (1987), 'यामूडीकी मोगुड़ू' (1988), 'मांची डोंगा' (1988), 'कोंडवेट्टी दोंगा' (1990) सहित कई फिल्मों में काम किया। चिरंजीवी ने साउथ के साथ ही बॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया। उन्होंने 'प्रतिबंध' (1990), 'आज का गुंडाराज' (1990) में काम किया है। 2017 में आई 'कैदी नंबर 150' चिरंजीवी की 150वीं फिल्म है। 2019 में वो 'से रा नरसिम्हा रेड्डी' में नजर आएंगे।

चिरंजीवी ने 1979 में आई फिल्म ‘पुनाधिरल्लु’ से करियर शुरू किया लेकिन उनकी पहली रिलीज फिल्म ‘प्रणाम खरीदु’ (1978) है। बतौर लीड एक्टर वो पहली बार 1982 में आई फिल्म ‘इंटलो रामय्या वीडिलो कृष्णय्या’ में नजर आए। ये फिल्म सुपरहिट रही। इसके बाद उन्होंने ‘पसिवादी प्रणाम’ (1987), ‘यामूडीकी मोगुड़ू’ (1988), ‘मांची डोंगा’ (1988), ‘कोंडवेट्टी दोंगा’ (1990) सहित कई फिल्मों में काम किया। चिरंजीवी ने साउथ के साथ ही बॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया। उन्होंने ‘प्रतिबंध’ (1990), ‘आज का गुंडाराज’ (1990) में काम किया है। 2017 में आई ‘कैदी नंबर 150’ चिरंजीवी की 150वीं फिल्म है। 2019 में वो ‘से रा नरसिम्हा रेड्डी’ में नजर आएंगे।

बेटे रामचरण तेजा और बहू उपासना के साथ चिरंजीवी... 1992 में आई चिरंजीवी की फिल्म 'घराना मोगुदु' साउथ की पहली ऐसी फिल्म है, जिसने 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की। फिल्म को के राघवेन्द्र राव ने डायरेक्ट किया था। फिल्म को 1993 के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया में भी दिखाया गया था। बाद में 'लाडला' नाम से इस फिल्म का हिंदी रीमेक भी बनाया गया था।

बेटे रामचरण तेजा और बहू उपासना के साथ चिरंजीवी… 1992 में आई चिरंजीवी की फिल्म ‘घराना मोगुदु’ साउथ की पहली ऐसी फिल्म है, जिसने 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की। फिल्म को के राघवेन्द्र राव ने डायरेक्ट किया था। फिल्म को 1993 के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया में भी दिखाया गया था। बाद में ‘लाडला’ नाम से इस फिल्म का हिंदी रीमेक भी बनाया गया था।

बेटे की शादी में बहू उपासना के साथ रस्म निभाते चिरंजीवी...अमिताभ से ज्यादा फीस लेते थे चिरंजीवी... 'घराना मोगुदु' की कामयाबी के चलते ही चिरंजीवी को उनकी अगली फिल्म 'आपदबंधावुडु' (1993) के लिए उस दौर में 1.25 करोड़ रुपए फीस मिली थी। जबकि उस दौर के बॉलीवुड सुपरस्टार अमिताभ बच्चन को भी बतौर फीस 1 करोड़ रुपए ही मिलते थे। सामान्य तौर पर किसी भी एक्टर की फिल्म सिनेमाहॉल में 20 से 25 दिन तक लगी रहती है। लेकिन चिरंजीवी ऐसे पहले साउथ स्टार हैं, जिनकी फिल्म 'घराना मोगुदु' 100 दिन से भी ज्यादा वक्त तक हैदराबाद के थिएटर में लगी रही। वैसे, 150 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके चिरंजीवी की करीब 32 फिल्में ऐसी हैं, जो हैदराबाद के थिएटरों में 100 से ज्यादा दिनों तक चलीं।

बेटे की शादी में बहू उपासना के साथ रस्म निभाते चिरंजीवी…अमिताभ से ज्यादा फीस लेते थे चिरंजीवी… ‘घराना मोगुदु’ की कामयाबी के चलते ही चिरंजीवी को उनकी अगली फिल्म ‘आपदबंधावुडु’ (1993) के लिए उस दौर में 1.25 करोड़ रुपए फीस मिली थी। जबकि उस दौर के बॉलीवुड सुपरस्टार अमिताभ बच्चन को भी बतौर फीस 1 करोड़ रुपए ही मिलते थे। सामान्य तौर पर किसी भी एक्टर की फिल्म सिनेमाहॉल में 20 से 25 दिन तक लगी रहती है। लेकिन चिरंजीवी ऐसे पहले साउथ स्टार हैं, जिनकी फिल्म ‘घराना मोगुदु’ 100 दिन से भी ज्यादा वक्त तक हैदराबाद के थिएटर में लगी रही। वैसे, 150 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके चिरंजीवी की करीब 32 फिल्में ऐसी हैं, जो हैदराबाद के थिएटरों में 100 से ज्यादा दिनों तक चलीं।

बेटियों सुष्मिता और श्रीजा के साथ चिरंजीवी...1987 में चिरंजीवी को ऑस्कर में बुलाया गया था। ऑस्कर में जाने वाले वो पहले साउथ एक्टर भी बने। 2008 में चिरंजीवी ने 'प्रजाराज्यम्' पार्टी बनाकर पॉलिटिकल करियर की शुरुआत की। 2009 में तिरुपति सीट से विधायक भी चुने गए। बाद में फरवरी, 2011 में उनकी पार्टी का विलय इंडियन नेशनल कांग्रेस में हो गया।

बेटियों सुष्मिता और श्रीजा के साथ चिरंजीवी…1987 में चिरंजीवी को ऑस्कर में बुलाया गया था। ऑस्कर में जाने वाले वो पहले साउथ एक्टर भी बने। 2008 में चिरंजीवी ने ‘प्रजाराज्यम्’ पार्टी बनाकर पॉलिटिकल करियर की शुरुआत की। 2009 में तिरुपति सीट से विधायक भी चुने गए। बाद में फरवरी, 2011 में उनकी पार्टी का विलय इंडियन नेशनल कांग्रेस में हो गया।

बेटियों सुष्मिता-श्रीजा और बहू उपासना के साथ चिरंजीवी...चिरंजीवी ने 1980 में सुरेखा से शादी की। उनके तीन बच्चे हैं। बेटे का नाम रामचरण तेजा है, जो साउथ फिल्मों के जाने-माने एक्टर हैं। जबकि, दो बेटियां श्रीजा और सुष्मिता हैं। रामचरण ने 14 जून, 2012 को अपोलो हॉस्पिटल्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन प्रताप सी. रेड्डी की पोती उपासना कमिनेनी से शादी की।

बेटियों सुष्मिता-श्रीजा और बहू उपासना के साथ चिरंजीवी…चिरंजीवी ने 1980 में सुरेखा से शादी की। उनके तीन बच्चे हैं। बेटे का नाम रामचरण तेजा है, जो साउथ फिल्मों के जाने-माने एक्टर हैं। जबकि, दो बेटियां श्रीजा और सुष्मिता हैं। रामचरण ने 14 जून, 2012 को अपोलो हॉस्पिटल्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन प्रताप सी. रेड्डी की पोती उपासना कमिनेनी से शादी की।

भाई पवन कल्याण और बेटे रामचरण तेजा के साथ चिरंजीवी।

भाई पवन कल्याण और बेटे रामचरण तेजा के साथ चिरंजीवी।

पत्नी सुरेखा और बेटे रामचरण तेजा के साथ चिरंजीवी।

पत्नी सुरेखा और बेटे रामचरण तेजा के साथ चिरंजीवी।

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