घरवाले नहीं चाहते थे कि शाहरुख से हो बेटी की शादी, फिर किंग खान ने ससुरालवालों को यूं मनाया

शाहरुख और गौरी बॉलीवुड के एक ऐसे कपल हैं, जो पिछले 28 सालों से साथ हैं। 25 अक्टूबर, 1991 को शाहरुख ने गौरी छिब्बर को अपना हमसफर बनाया था, तब से अब तक दोनों ने साथ में अपनी जिंदगी के अच्छे और बुरे पल बिताए हैं। शाहरुख और गौरी स्कूल के समय से एक दूसरे से प्यार करते थे और कई सालों के अफेयर के बाद दोनों ने अपने प्यार के बारे में अपने घरवालों को बताया था। हालांकि, शाहरुख के मुस्लिम होने की वजह से गौरी के घरवालों ने पहले इस रिश्ते से मना कर दिया लेकिन बाद में उनके प्यार के आगे आखिरकार घरवालों को झुकना पड़ा और दोनों की शादी हो गई।

14 साल की गौरी को दिल दे बैठे थे 19 के शाहरुख :  बात 1984 की है, जब दिल्ली के पंचशील क्लब में चल रही एक पार्टी में 19 साल के शाहरुख की नजर, 14 साल की गौरी पर पड़ी। शाहरुख उन्हें बस देखते ही रह गए थे। उस पार्टी में शाहरुख खान ने गौरी को किसी और लड़के के साथ डांस करते देखा और उन्हें गौरी से प्यार हो गया। लेकिन उस रोज, शर्मीले शाहरुख, गौरी से बात करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए थे। इसके बाद तो जिस पार्टी में भी गौरी के पहुंचने की उम्मीद होती, शाहरुख भी उस पार्टी में पहुंच जाते। 25 अक्टूबर, 1984 को तीसरी मुलाकात में शाहरुख ने गौरी के घर का फोन नंबर हासिल कर ही लिया।

14 साल की गौरी को दिल दे बैठे थे 19 के शाहरुख : बात 1984 की है, जब दिल्ली के पंचशील क्लब में चल रही एक पार्टी में 19 साल के शाहरुख की नजर, 14 साल की गौरी पर पड़ी। शाहरुख उन्हें बस देखते ही रह गए थे। उस पार्टी में शाहरुख खान ने गौरी को किसी और लड़के के साथ डांस करते देखा और उन्हें गौरी से प्यार हो गया। लेकिन उस रोज, शर्मीले शाहरुख, गौरी से बात करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए थे। इसके बाद तो जिस पार्टी में भी गौरी के पहुंचने की उम्मीद होती, शाहरुख भी उस पार्टी में पहुंच जाते। 25 अक्टूबर, 1984 को तीसरी मुलाकात में शाहरुख ने गौरी के घर का फोन नंबर हासिल कर ही लिया।

कोडवर्ड में करते थे गौरी से बात :  शाहरुख को गौरी पसंद आ गई थीं। उनसे फोन पर बात करने का तरीका भी शाहरुख ने निकाला। वो अपनी किसी दोस्त से गौरी के घर फोन करवाते। गौरी के घर जो भी फोन उठाता, शाहरुख की दोस्त उसे अपना नाम शाहीन बताती। शाहीन कोडवर्ड था जिसे सुनकर गौरी समझ जाती कि फोन शाहरुख का है। गौरी के घर किसी को शक भी नहीं होता था और फिर शाहरुख और गौरी देर तक बातें करते। गौरी और शाहरुख की मुलाकात पार्टियों में ही हो पाती थी, जहां गौरी की फीमेल फ्रेंड्स भी उनके साथ होती थीं। धीरे-धीरे ये दोनों लॉन्ग ड्राइव पर भी जाने लगे।

कोडवर्ड में करते थे गौरी से बात : शाहरुख को गौरी पसंद आ गई थीं। उनसे फोन पर बात करने का तरीका भी शाहरुख ने निकाला। वो अपनी किसी दोस्त से गौरी के घर फोन करवाते। गौरी के घर जो भी फोन उठाता, शाहरुख की दोस्त उसे अपना नाम शाहीन बताती। शाहीन कोडवर्ड था जिसे सुनकर गौरी समझ जाती कि फोन शाहरुख का है। गौरी के घर किसी को शक भी नहीं होता था और फिर शाहरुख और गौरी देर तक बातें करते। गौरी और शाहरुख की मुलाकात पार्टियों में ही हो पाती थी, जहां गौरी की फीमेल फ्रेंड्स भी उनके साथ होती थीं। धीरे-धीरे ये दोनों लॉन्ग ड्राइव पर भी जाने लगे।

ऐसे किया था शाहरुख ने प्रपोज :  मुश्ताक शेख द्वारा लिखित अपनी बायोग्राफी 'शाहरुख केन' में SRK उन दिनों को याद करते हुए कहते हैं, "एक दिन मैंने गौरी को उसके घर छोड़ा, जब वो गाड़ी से उतर रही थी तो मैंने उससे कहा मैं तुमसे शादी करूंगा? इसके बाद बिना उसका जवाब सुने मैं अपनी गाड़ी लेकर वहां से चला आया।"

ऐसे किया था शाहरुख ने प्रपोज : मुश्ताक शेख द्वारा लिखित अपनी बायोग्राफी ‘शाहरुख केन’ में SRK उन दिनों को याद करते हुए कहते हैं, “एक दिन मैंने गौरी को उसके घर छोड़ा, जब वो गाड़ी से उतर रही थी तो मैंने उससे कहा मैं तुमसे शादी करूंगा? इसके बाद बिना उसका जवाब सुने मैं अपनी गाड़ी लेकर वहां से चला आया।”

गौरी को दीवानगी की हद तक चाहने लगे थे शाहरुख :  एक मैगजीन में छपे आर्टिकल में शाहरुख ने कहा था, "उस समय गौरी को लेकर मेरी दीवानगी बेहद बढ़ चुकी थी।  एक मैगजीन में छपे अपने लेख में शाहरुख ने कहा था, "उस समय गौरी को लेकर मेरी दीवानगी बेहद बढ़ चुकी थी। अगर वो स्विमसूट पहनती या अपने बाल खुले रखती तो मैं उससे लड़ने लगता था। जब वो अपने बाल खोलती थी तो बेहद खूबसूरत लगती थी। मैं नहीं चाहता था कि दूसरे लड़के उसे देखें। मेरे अंदर असुरक्षा की भावना आ गई थी क्योंकि हम ज्यादा मिल नहीं पाते थे और अपने रिश्ते के बारे में ज्यादा बात भी नहीं कर पाते थे।"

गौरी को दीवानगी की हद तक चाहने लगे थे शाहरुख : एक मैगजीन में छपे आर्टिकल में शाहरुख ने कहा था, “उस समय गौरी को लेकर मेरी दीवानगी बेहद बढ़ चुकी थी। एक मैगजीन में छपे अपने लेख में शाहरुख ने कहा था, “उस समय गौरी को लेकर मेरी दीवानगी बेहद बढ़ चुकी थी। अगर वो स्विमसूट पहनती या अपने बाल खुले रखती तो मैं उससे लड़ने लगता था। जब वो अपने बाल खोलती थी तो बेहद खूबसूरत लगती थी। मैं नहीं चाहता था कि दूसरे लड़के उसे देखें। मेरे अंदर असुरक्षा की भावना आ गई थी क्योंकि हम ज्यादा मिल नहीं पाते थे और अपने रिश्ते के बारे में ज्यादा बात भी नहीं कर पाते थे।”

गौरी के लिए मुंबई की गलियों में खाक छानते रहे शाहरुख :  शाहरुख की इसी आदत से परेशान होकर गौरी उन्हें दिल्ली में छोड़कर बिना बताए मुंबई आ गई थी। शाहरुख, गौरी को मनाने मुंबई तक जा पहुंचे थे। उन्हें पता नहीं था कि गौरी मुंबई में कहां रह रही हैं तब भी उन्होंने कई दिनों तक मुंबई की गलियों की खाक छानी। बहुत ढूंढने के बाद एक दिन शाहरुख ने गौरी को मुंबई के अक्सा बीच पर ढूंढ़ निकाला। शाहरुख को देख गौरी रोने लगी थीं।

गौरी के लिए मुंबई की गलियों में खाक छानते रहे शाहरुख : शाहरुख की इसी आदत से परेशान होकर गौरी उन्हें दिल्ली में छोड़कर बिना बताए मुंबई आ गई थी। शाहरुख, गौरी को मनाने मुंबई तक जा पहुंचे थे। उन्हें पता नहीं था कि गौरी मुंबई में कहां रह रही हैं तब भी उन्होंने कई दिनों तक मुंबई की गलियों की खाक छानी। बहुत ढूंढने के बाद एक दिन शाहरुख ने गौरी को मुंबई के अक्सा बीच पर ढूंढ़ निकाला। शाहरुख को देख गौरी रोने लगी थीं।

तीन बार हुई शाहरुख-गौरी की शादी :  शाहरुख और गौरी तो अपने प्यार को शादी में बदलने के लिए तैयार थे लेकिन दोनों के धर्म अलग होने की वजह से इनके घरवालों को कड़ी आपत्ति थी। शाहरुख ने गौरी के परिवार वालों को मनाने के लिए खूब पापड़ बेले और अंत में उन्हें मनाने में कामयाब हो गए। फिर 26 अगस्त 1991 को शाहरुख और गौरी ने कोर्ट में शादी कर ली। बाद में इन दोनों का निकाह भी हुआ, जिसमें गौरी का नाम आयशा रखा गया। इसके बाद 25 अक्टूबर 1991 को हिंदू रीति-रिवाजों के मुताबिक दोनों की शादी हुई।

तीन बार हुई शाहरुख-गौरी की शादी : शाहरुख और गौरी तो अपने प्यार को शादी में बदलने के लिए तैयार थे लेकिन दोनों के धर्म अलग होने की वजह से इनके घरवालों को कड़ी आपत्ति थी। शाहरुख ने गौरी के परिवार वालों को मनाने के लिए खूब पापड़ बेले और अंत में उन्हें मनाने में कामयाब हो गए। फिर 26 अगस्त 1991 को शाहरुख और गौरी ने कोर्ट में शादी कर ली। बाद में इन दोनों का निकाह भी हुआ, जिसमें गौरी का नाम आयशा रखा गया। इसके बाद 25 अक्टूबर 1991 को हिंदू रीति-रिवाजों के मुताबिक दोनों की शादी हुई।

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