भारत का अनोखा गांव: यहाँ होती है कुत्तो से शादी

अंधविश्वास दुनिया के कोने-कोने में फैला हुआ है। कभी-कभी तो इसे संस्कृति की धरोहर का एक हिस्सा मानकर अनमोल समझा जाता है। कोरबा में रहने वाले संताल आदिवासी के लोगों का मानना है की बच्चों को मृत्युदोष की बाधा से मुक्त कराने के लिए उनकी शादी कुत्ते से कर देनी चाहिए।

संताल आदिवासी के लोग तीन से पांच वर्ष की आयु में बच्चों की शादी कुत्ते के बच्चे के साथ कर देते हैं, दोष किसी बालक पर है तो मादा, बालिका पर हो तो नर कुत्ते के साथ धूमधाम से शादी की जाती है।

संताल आदिवासी के इन लोगों का मानना है कि ऎसा करने से उनके बच्चों की जिंदगी पर आने वाला संकट हमेशा के लिए दूर हो जाता है। ओडिसा के मयूरभांज जिले से आकर कोरबा में बसे संताल आदिवासी वर्षो से इस परंपरा को निभाते आ रहे हैं.

Leave a Comment