ताजमहल के बारे में यह बातें शायद आप नहीं जानते होंगे !

आगरा के ताजमहल से जुडी ऐसी रोचक बातें Taj Mahal Facts In Hindi जो आपको जरूर जानना चाहियें। सफ़ेद संगमरमर से बना अद्भुत ताजमहल, प्यार की मिसाल माना जाने वाला दुनियां भर में अपनी सौदर्यता के लिए जाना जाता है। दूर दूर से लोग ताजमहल के दीदार के लिए आते हैं। ताजमहल का इतिहास वास्तव में बहुत अधिक आकर्षक है जो हम सभी वर्षों से सुनते और पढ़ते आ रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अभी भी ताजमहल के बारे में कुछ तथ्य हैं जो अनसुने हैं। तो आइये जानते हैं ताजमहल से जुड़े रोचक तथ्यों को जो आपको जरूर जानना चाहियें –

आप जानते होंगे कि ताजमहल प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इस मोहब्बत की निशानी को शाहजहां ने अपनी तीसरी बेगम मुमताज की याद में बनाया था। कहा जाता है कि मुमताज़ महल ने मरते वक्त मकबरा बनाए जाने की ख्वाहिश जताई थी जसके बाद शाहजहां ने ताजमहन बनावाया। ताजमहल के तयखाने में मुमताज महल की मज़ार है।

पर क्या आप जानते हैं ताजमहल के निर्माण में लगभग 3.2 करोड़ रुपये खर्च किए। अगर आज इसका अनुमान लगाएं तो कम से कम 6500 करोड़ तो माना जा सकता है।

आप जानते होंगे की ताजमहल संगमरमर से बना हुआ है पर क्या आप जानते है इसे बनवाने में  28 प्रकार के पत्थर लगे हैं जो विशेषकर तिब्बत, चीन, श्रीलंका और भारत के कुछ हिस्सों से इकठे किये गए थे। इसके आलावा ताजमहल के निर्माण में लगभग पूरे भारत और एशिया से सामग्री मंगवाई गई थी।

ताजमहल को बनवाने में लगभग 22 वर्ष लगे थे जिसमे तकरीबन 22,000 मज़दूरों ने काम किया था।  कहा जाता है कि निर्माण सामग्री के परिवहन (लाने ले जाने ) के लिए 1,000 से अधिक हाथियों का उपयोग किया गया था।

शाहजहां ने इस ताजमहल को बनवाने के लिए बगदाद और तुर्की से कारीगर बुलवाए थे। कहा जाता  है कि इसे बनाने के लिए बगदाद से एक कारीगर बुलवाया गया जो पत्थर पर घुमावदार अक्षरों को तराश सकता था।

आप जानते होंगे ताजमहल के चारों कोनों पर मीनार है। पर क्या आप जानते हैं की  चारों खंभे या मीनारें सीधे खड़े होने के बजाय बाहर की ओर झुकी हुई हैं। इसका निर्माण इस तरह से किया गया था कि भूकंप जैसी किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में मुख्य मकबरे को इस पर मीनारों के गिरने से क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सके।

कुछ लोग कहते हैं की ताजमहल बन जाने के बाद कारीगरों के हाथ कटवा दिए गए थे जिससे वो दुबारा इसी ईमारत न बना सकें। लेकिन कुछ लोगो कहते हैं की उन्हें जीवन भर काम न करने के लिए कहा गया थी जिसके लिए उन्हें ज़िन्दगी भर के लिए अच्छी खासी कीमत भी दी गई थी।

ताज महल की नींव लकड़ी से बनी है अगर सोचा जाये तो लकड़ी समय की अवधि में कमजोर हो गई होगी, लेकिन इसका आधार एक विशेष प्रकार की लकड़ी से बना है जो नमी मिलने पर मज़बूत होती है।  यह यमुना नदी की वजह से है कि लकड़ी को आज तक मजबूत और नम रखा गया है।

ताजमहल  पर जो डिज़ाइन बानी हुई हैं वो वास्तव में मुगल डिजाइनों का विस्तार और चित्रण करता है जो भारतीय, फारसी और इस्लामी डिजाइन परंपरा का एक संयोजन है।

ताजमहल पर जो लेख अंकित है उसे ज्यादातर कुरान शरीफ पुस्तक से लिया गया है। ताजमहल की दीवारों के अलावा, रानी मुमताज महल और सम्राट शाहजहाँ के मकबरे पर शिलालेख अंकित हैं।

ताजमहल की दीवारों पर पहले कई बेशकीमती रत्न जड़े हुए थे जो 1857 की क्रांति के दौरान ब्रिटिश सरकार ने निकाल लिए थे।

यदि ताजमहल के बगीचे के बात की जाये तो इसमें अधिकतर  डैफोडिल, गुलाब और फलों के पेड़ शामिल हैं। यह तब 19 वीं शताब्दी के अंत तक ब्रिटिश साम्राज्य ने भारत के तीन पांचवें हिस्से पर नियंत्रण कर लिया और उन्होंने अपनी पसंद के अनुसार भूनिर्माण को बदल दिया, जो लंदन के लॉन से मिलता जुलता था।

ताजमहल के अलावा शाहजहां ने दिल्ली का लालकिला, दीवाने आम, दीवाने खास, दिल्ली की जामा मस्जिद, आगरा की मोती मस्जिद बनवाई।

इतिहासकारों के अनुसार शाहजहाँ ऐसा ही एक और काला ताजमहल बनवाना चाहते थे लेकिन उसके बेटे ने शाहजहाँ को कैद कर लिया और उसकी मनोकामन  पूरी नहीं हो पाई।  आगरा के किले में अपने कैदी जीवन के आठवें साल मतलब 31 जनवरी 1666 ई को 74 साल की उम्र में शाहजहां की मृत्यु हो गई।

यह कहा जाता है कि ताजमहल कुतुब मीनार से लंबा है। ताजमहल की लंबाई  243 फीट हैं, वहीं कुतुब मीनार की लंबाई 239 फीट है।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ताज महल को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा छुपाया गया था। यह एक विशाल मचान के साथ कवर किया गया था जो इसे बांस के भंडार की तरह दिखाई देता था। 

ताजमहल अलग अलग समय पर अलग अलग दिखाई देता है। सुबह के समय यह हल्का गुलाबी, दोपहर के समय यह दूध जैसे सफ़ेद और शाम के समय यह हल्का सुनहरा दिखाई देता है।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ताजमहल को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा ढक दिया गया था। यह एक विशाल मचान के साथ कवर किया गया था जो एक बांस के भंडार की तरह दिखाई देता था। बाद में एक बार फिर 1971 में पाक युद्ध के दौरान हुआ ऐसा किया गया।

हिन्दू पक्ष के अनुसार ताजमहल का असली नाम तेजोमहालय हैं। जिसके अनुसार यह शिव मंदिर है। माना जाता है की किसी भी मुस्लिम देश में कोई ऐसी ईमारत नहीं है जिसमे महल शब्द आये, क्योंकि महल शब्द मुस्लिम शब्द नहीं है।

पी एन ओक ने अपनी पुस्तक ‘ताज महल इज़ ए हिन्दू टेम्पल’ में दलीलों के साथ इस बात को प्रमाणित क्या है कि ताजमहल एक शिव मंदिर है जो 12 ज्योतिर्लिंग में से एक था।

क्या आप जानते हैं ताजमहल दुनियां के सबसे ज्यादा देखे जाने वाली ईमारत है। इसे लगभग 12000 लोग प्रतिदिन देखते हैं।

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