इन देशों की तरह स्कूलों में ऐसे subjects पढ़ाए जाए तो कोई बच्चा स्कुल जानें से इंकार नहीं करेगा

बचपन में हम सभी के स्कूल में फेवरेट subject हुआ करते थे, जिसका हम हमेशा इंतजार करते रहते थे. आजकल की पढ़ाने की प्रक्रिया बेहद boring है जो 90% बच्चों को पसंद नहीं आती. इसलिए कुछ देशों में education को आधुनिक बनाने की कोशिश की जा रही है. यहां हमने पूरी दुनिया के कुछ देशों में पढ़ाए जाने वाले दिलचस्प subjects की लिस्ट तैयार की है.

जापान: प्रकृति की देखभाल ( Admiration for Nature )

इन subjects का उद्देश्य युवाओं को अपने आस-पास के वातावरण की खूबसूरती के पहलू को महत्व देना सिखाना है। अक्सर आधुनिक समय के बच्चे इस बात की उपेक्षा करते हैं, क्योंकि वो कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के सामने ज्यादा समय बिताना पसंद करते हैं। जापान में गणित या भूगोल जैसे normal विषयों के साथ, प्रकृति की देखभाल में विद्यार्थियों को ग्रेड प्राप्त करना होता है और यहां तक ​​कि साल के अंत में परीक्षा भी देनी होती है।

बशकिरिया: मधुमक्खी पालन ( Beekeeping )

बशकिरिया में 100 से अधिक स्कूलों में बच्चे मधुमक्खी पालन करना और शहद निकलना सीखते हैं। इस तरह के subjects स्कूली बच्चों को धैर्य, सावधानी और सटीकता सिखाते हैं।

इज़राइल: साइबर-सुरक्षा (cyber security)

जैसे-जैसे इंटरनेट हमारे जीवन महत्वपूर्ण भाग बनता जा रहा है, साइबर-सुरक्षा का ज्ञान का महत्वपूर्ण बन जाता है। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए, इजरायली स्कूलों ने एक विषय पेश किया है जिसे ” साइबर युद्ध के सिद्धांत और अभ्यास ” के रूप में जाना जाता है। इस के अलावा, बच्चों को सिखाया जा रहा है कि साइबरस्पेस में कैसे व्यवहार करें, ब्लॉग और सोशल नेटवर्क के comments पर कैसे प्रतिक्रिया दें। इसके अलावा, बच्चे ज्यादा वीडियो गेम न खेले उस मुद्दे पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

ऑस्ट्रेलिया: सर्फिग ( surfing lessons )

ऑस्ट्रेलियाई स्कूलों में surfing का शानदार sport सिखाया जा रहा हैं। यह सुनिश्चित करता है कि ऑस्ट्रेलियाई समुद्र तटों पर बच्चे सुरक्षित रहे. इसी तरह के subjects अमेरिका में हवाई में भी हैं।

यूएसए: वैज्ञानिक खोजें ( Scientific discoveries )

अपने science का subject पूरा करने के बाद, अमेरिकी बच्चों को कुछ नया आविष्कार करने के लिए होमवर्क मिलता है। इसे पूरा करने के लिए उनके पास पुरे साल समय दिया जाता है। फिर बच्चें अपने शिक्षकों के समक्ष presentation करते हैं। प्रत्येक presentation पर चर्चा की जाती है और उसकी सफलता के आधार पर फिर अंतिम ग्रेड देकर सम्मानित किया जाता है।

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