यहां होती है लाशों की खेती

आज तक आपने खेतों में अनाज या सब्जियों की खेती होते हुए देखा होगा। लेकिन फ्लोरिडा में एक ऐसी जगह है, जहां लंबे घास के बीच लाशें यानी इंसानी डेड बॉडीज सड़ाई जाती है। 

खास मकसद से लाशों की खेती 
ये खेती यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा द्वारा संचालित ओपन एयर फोरेंसिक एंथ्रोपॉलजी लैब में होती है। जिसे लैब काउंटी जेल के पास रूरल एरिया में खोला गया है। इसे टैम्फोनमी लैब या फोरेंसिक कब्रिस्तान भी कहते हैं। वैज्ञानिक यहां मरने के बाद बॉडी में होने वाले प्रॉसेस को स्टडी करते हैं। 

खौफनाक होता है नजारा 
यहां खेत में लंबे घास के बीच पिंजरों में डेड बॉडीज रखी जाती है। उनपर कपड़े भी नहीं रहते। समय के साथ बॉडी कैसे सड़ रही है, इसका अध्यन किया जाता है। ये काम एक हेक्टेयर से थोड़े बड़े मैदान में किया जाता है। लाशों को गड्ढों में भी रखकर स्टडी किया जाता है। 

क्यों खोला गया ये लैब?
मरने के बाद इंसान की बॉडी कैसे खत्म होती है, उस दौरान शरीर में क्या बदलाव आते हैं, ये जानने के लिए इस लैब को खोला गया। साथ ही वैज्ञानिक ये भी जानने की कोशिश करते हैं कि लोगों के मरने के बाद आसपास के पर्यावरण पर इसका क्या असर पड़ता है?

दान में दी जाती है बॉडी 
इस मैदान में मौजूद बॉडीज दान में मिलती है। या तो लोग मरने से पहले खुद अपनी बॉडी दान कर जाते हैं या उनके परिजन बाद में ये फैसला लेते हैं। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस स्टडी से जल्द ही वो अहम डेटा जुटा पाएंगे। जिससे फोरेंसिक मामले बेहतर हो जाएंगे।  

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