दुनिया की पांच सबसे बड़ी लाइब्रेरी, जहां रखी हैं करोड़ों किताबें और प्राचीन दस्तावेज

दुनियाभर में किताबें पढ़ने वालों की कमी नहीं है। हालांकि आज के जमाने में लोग मोबाइल और कंप्यूटर को ज्यादा तरजीह देने लगे हैं, लेकिन इसके बावजूद कई लोग ऐसे हैं, जो किताबों को ही ज्यादा पसंद करते हैं। क्या आप जानते हैं कि दुनिया की सबसे बड़ी लाइब्रेरी (पुस्तकालय) कहां है? आपको जानकर हैरानी होगी कि उस लाइब्रेरी में 16 करोड़ से भी ज्यादा किताबें और अन्य दस्तावेज रखे हैं, जिसमें दुनियाभर के मैप और फोटोग्राफ भी संजो कर रखे गए हैं। 

यह लाइब्रेरी अमेरिका का वाशिंगटन में है, जिसे ‘लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस’ के नाम से जाना जाता है। यह करीब 219 साल पुराना है। 24 अप्रैल, 1800 को इसकी स्थापना की गई थी। यहां 470 भाषाओं की किताबें मौजूद हैं, जो करीब 1349 किलोमीटर लंबी अलमारियों पर रखी हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस लाइब्रेरी में 3000 से भी ज्यादा लोग काम करते हैं। 

लंदन स्थित ‘ब्रिटिश लाइब्रेरी’ दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी लाइब्रेरी मानी जाती है, जहां लगभग 15 करोड़ किताबें और अन्य प्राचीन और नए दस्तावेज मौजूद हैं। इस लाइब्रेरी की स्थापना ब्रिटिश लाइब्रेरी अधिनियम 1972 के तहत, एक जुलाई 1973 को एक स्वतंत्र संस्था के रूप में की गई थी। 

दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी लाइब्रेरी की अगर बात करें तो वह अमेरिका की ‘न्यूयॉर्क पब्लिक लाइब्रेरी’ है। यह अमेरिका की दूसरी सबसे बड़ी लाइब्रेरी है। यहां पांच करोड़ 30 लाख के आसपास किताबें और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं। साल 1895 में इसकी स्थापना हुई थी। 

दुनिया की सबसे बड़ी लाइब्रेरी में चौथे स्थान पर कनाडा का ‘लाइब्रेरी एंड अर्काइव’ है, यहां चार करोड़ 50 लाख से भी ज्यादा किताबें और अन्य दस्तावेज रखे हुए हैं। सिर्फ किताबों की अगर बात करें तो यहां इनकी संख्या करीब दो करोड़ है। यह लाइब्रेरी ओटावा में स्थित है, जिसकी स्थापना साल 2004 मे की गई थी।  

रूस की राजधानी मॉस्को में स्थित ‘रशियन स्टेट लाइब्रेरी’ दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी लाइब्रेरी है। यहां चार करोड़ 30 लाख के आसपास किताबें और अन्य प्राचीन और नए दस्तावेज हैं। इसमें सिर्फ किताबों की संख्या एक करोड़ 70 लाख के करीब है। ये किताबें और दस्तावेज 275 किलोमीटर लंबी अलमारियों पर रखी हुई हैं।    

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